बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
तीन दिवसीय शिक्षक व अभिभावक उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित
जगदलपुर। राज्य परियोजना कार्यालय के निर्देशानुसार और बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में दिव्यांग बच्चों के शैक्षणिक और सामाजिक उत्थान के लिए आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का खंड स्रोत समन्वयक कार्यालय जगदलपुर में समापन हुआ। इस विशेष आयोजन ने बस्तर जिले में समावेशी शिक्षा की संकल्पना को एक नई दिशा प्रदान की है। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण शिविर में जिले के सभी सात विकासखंडों से आए 55 प्राथमिक और 55 उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षकों सहित कुल 165 दिव्यांग छात्र, उनके अभिभावकों, बीआरपी और अटेंडेंट को मिलाकर लगभग 180 प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता दर्ज की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मास्टर ट्रेनर्स ने समावेशी शिक्षा के विविध पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए दिव्यांग छात्रों के अधिकारों और उनके प्रति संवेदनशीलता विकसित करने पर जोर दिया। सत्रों में विशेष रूप से दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत चिन्हित 21 प्रकार की दिव्यांगताओं से परिचय कराया गया और पाठ्यक्रम अनुकूलन व प्रभावी कक्षा रणनीतियों को साझा किया गया। आधुनिक युग की जरूरतों को देखते हुए सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के उपयोग और क्षमता निर्माण के गुर भी सिखाए गए, ताकि दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा जा सके। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति की नवीन अवधारणाओं से अवगत कराते हुए दिव्यांग छात्रों की स्कूलों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विस्तृत चर्चा की गई।

शिक्षा के साथ-साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुगम बनाने के उद्देश्य से शिविर में दिव्यांग प्रमाण पत्र प्राप्त करने की विधि तथा शासन एवं समग्र शिक्षा की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंतिम चरण में शिक्षकों और अभिभावकों ने अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया, जिससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई। इस वृहद आयोजन की सफलता में सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन, जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल के मार्गदर्शन के साथ-साथ जिला मिशन समन्वयक अशोक पाण्डे, समावेशी शिक्षा प्रभारी राजेश त्यागी, फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. मतिउर रहमान, बीआरपी सुरेश गुप्ता, चंद्रशेखर नायडू, तेजमणी दास, अचिंत्य दास, वंदना जैन, रोहित जाधव एवं स्पेशल एजुकेटर सचिन कुर्रे का सराहनीय योगदान रहा।









