पुकार बाफना –
आज दिनांक 14 अप्रैल को भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर ग्राम पंचायत में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बाल विवाह रोकथाम को लेकर व्यापक चर्चा की गई तथा “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” की जानकारी ग्रामीणों को दी गई।
ग्राम सभा में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों को बताया गया कि बाल विवाह एक सामाजिक कुप्रथा होने के साथ-साथ कानूनन अपराध भी है। 18 वर्ष से कम आयु की लड़की एवं 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह प्रतिबंधित है और इसमें शामिल सभी लोगों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
बैठक में अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि शासन द्वारा सामुदायिक भागीदारी और जनजागरूकता के माध्यम से पूरे राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। पंचायत स्तर पर ग्राम सभाओं में प्रस्ताव पारित कर बाल विवाह मुक्त पंचायत बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
इस दौरान उपस्थित सभी ग्रामीणों से अपील की गई कि वे अपने गांव को बाल विवाह मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं, बाल विवाह की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें और समाज में जागरूकता फैलाएं।
ग्राम सभा के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे बाल विवाह जैसी कुप्रथा का विरोध करेंगे और अपने पंचायत को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए मिलकर कार्य करेंगे।
अंबेडकर जयंती पर ग्राम सभा में गूंजा संकल्प – “बाल विवाह मुक्त पंचायत बनाएंगे”







