महासमुंद संवाददाता – अब्दुल रफ़ीक खान
महासमुंद | 21 अप्रैल 2026 जिला प्रशासन अब सड़कों पर लापरवाही बरतने वालों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने जा रहा है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में ‘सड़क सुरक्षा समिति’ की महत्वपूर्ण बैठक ली, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए।
ओवरलोडिंग और ई-चालान पर जोर
कलेक्टर ने परिवहन और यातायात विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में ओवरलोड चल रहे वाहनों पर तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, हेलमेट न पहनने वालों और नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ ई-चालान की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया है, ताकि सड़क अनुशासन बना रहे।
ब्लैक स्पॉट और आवारा मवेशी: बड़ी चुनौती
सड़कों पर रात के समय बैठने वाले मवेशी दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण बनते हैं। इसे देखते हुए:
* NHAI, पशुपालन विभाग और नगरीय निकायों को संयुक्त अभियान चलाकर मवेशियों को सड़कों से हटाने का जिम्मा सौंपा गया है।
* पशु मालिकों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
* लोक निर्माण विभाग (PWD) और NHAI को चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) पर सुधारात्मक कार्य करने और नए ब्लैक स्पॉट्स की पहचान करने को कहा गया है।
स्कूली बच्चों के जरिए पालकों को संदेश
जन जागरूकता के लिए एक अनूठी पहल के तहत कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि स्कूलों में विद्यार्थियों के माध्यम से उनके पालकों को जागरूक किया जाए। इससे सड़क सुरक्षा के प्रति घरों में भी जिम्मेदारी का भाव विकसित होगा।
बैठक में मुख्य उपस्थिति: > इस दौरान जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि साहू सहित सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य और विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद थे।
निष्कर्ष: कलेक्टर लंगेह ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की हिदायत दी है, ताकि जिले की सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके।








