Home मेरी रचना सेवा, साहस, त्याग और समर्पण जिसकी शान है, वही सच्चे अर्थों में...

सेवा, साहस, त्याग और समर्पण जिसकी शान है, वही सच्चे अर्थों में श्रेष्ठ इंसान है – प्रधानमंत्री मोदी जी को समर्पित रचना

4
0
जो हरदम दर्द सहे, वो किससे कहे,
ज़िल्लत भरी ज़िंदगी में, वो क्या कहे।
जो हर पीड़ा सह जाता है, वो क्या कहे,
जो कड़वा घूँट पीता हो, वो क्या कहे।
जो हर रात आधी नींद सोता हो, वो क्या करे,
जो हर आहट पर चौंक उठता हो, वो क्या करे।
जो हर आघात को टाल दे,
जो इल्ज़ाम पर ध्यान न दे,
उसे क्या कहें।
जो हर चोट के बाद भी मुस्कुरा दे,
जो हर अपशब्द को भुला दे,
उसे क्या कहें।
जो सबकी सुनता है,
सबकी सहता है,
उसे क्या कहें।
जो सब कुछ करता है,
श्रेय भी नहीं लेता है,
उसे क्या कहें।
जो हर वार से सीख ले,
जो हर दर्द सह ले,
उसे क्या कहें।
जो हर आपदा को अवसर में बदल दे,
जो हर विपत्ति को समाधान में बदल दे,
उसे क्या कहें।
जो ऐसा इंसान हो, जो सदा समर्पित रहे,
जो राष्ट्र को सर्वोपरि माने, देश का मान बढ़ाए,
उसे क्या कहें।
किसी देश में, किसी युग में, कोई विरला ही होता है,
जो राष्ट्र को माता समझे और उसकी सेवा करता है।
जो देश के लिए जीता है, स्वार्थ से ऊपर रहता है,
अपने कर्मों से मातृभूमि का गौरव बढ़ाता है।
जो आँसू पीकर भी मुस्काता रहे,
जो टूटकर भी स्वयं को संभालता रहे,
उसे क्या कहें।
जो हालातों से कभी हार न माने,
जो संघर्षों के आगे सिर न झुकाए,
उसे क्या कहें।
जो अपने कर्मों से नई मिसाल गढ़े,
जो हर अँधेरे में आशा का दीप जलाए,
उसे क्या कहें।
उसे कर्मयोगी, राष्ट्रभक्त महान कहें,
उसे जीवन का सच्चा विजेता कहें।
सेवा, साहस, त्याग और समर्पण जिसकी शान है,
वही सच्चे अर्थों में श्रेष्ठ इंसान है।
✍️: राजकुमार सोनी, नया रायपुर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here