ज़िन्दगी है, हँसी-ख़ुशी भी रहेगी,
कभी ज़्यादा तो कभी कम रहेगी।
ज़िन्दगी है, सफ़र यूँ ही चलता रहेगा,
कभी ठहरेगा, कभी तेज़ चलता रहेगा।
ज़िन्दगी है, लोग आते भी रहेंगे, जाते भी रहेंगे,
कोई यादें दे जाएगा, कोई सबक दे जाएगा।
ज़िन्दगी है, रिश्ते बनेंगे, बिखरेंगे,
कोई साथ निभाएगा, कोई राह बदल जाएगा।
ज़िन्दगी है, वक़्त हर पल बदलता रहेगा,
हर ज़ख़्म एक दिन भरता रहेगा।
ज़िन्दगी है, हार भी होगी, जीत भी मिलेगी,
हर अँधेरी रात के बाद नई सुबह खिलेगी।
ज़िन्दगी है, जो मिला उसे स्वीकार कर लेना,
जो खो गया, उसे अनुभव समझकर सँवार लेना।
ज़िन्दगी है, अंत नहीं, एक निरंतर धारा है,
हर पल नया अवसर है, हर साँस ईश्वर का सहारा है।
✍️: राजकुमार सोनी, रायपुर








