सरगुजा संवाददाता – विकास अग्रवाल
अंबिकापुर।
डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन में जिला बलरामपुर-रामानुजगंज एवं जिला सरगुजा के नामांकित अधिकारियों कर्मचारियों को प्रदान किया गया प्रशिक्षण।
राज्य के सभी जिलों में 18/05/26 से डॉयल-112 (Phase 2 Next Gen) को सुचारु रूप से किया जा रहा संचालित। C-DAC टीम द्वारा DCC/ERV वाहनों में तैनात अधिकारियो कर्मचारियों को मुख्यालय स्तर पर पूर्व में किया गया है प्रशिक्षित।
आपातकालीन वाहनों में स्थापित उपकरण (जैसे- PFT, MDT, Mobile, PTZ, Dash Camera आदि) का व्यवहारिक संचालन के सम्बन्ध में दी गई विस्तार पूर्वक जानकारी।
दो दिवस के प्रशिक्षण में जिला बलरामपुर -रामानुजगंज एवं जिला सरगुजा के कुल 107 अधिकारी कर्मचारी हुए लाभान्वित।
पुलिस मुख्यालय रायपुर के मार्गदर्शन में एवं डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा निर्देशन में (DCC/ERV) आपातकालीन वाहन डायल 112 (जिला बलरामपुर रामानुजगंज एवं जिला सरगुजा) में कार्यरत बल को वाहनों में स्थापित उपकरणों (जैसे- PFT, MDT, Mobile, PTZ, Dash Camera आदि) के व्यवहारिक संचालन के सम्बन्ध में विस्तार पूर्वक जानकारी देने समेत आपातकालीन वाहनो के संचालन की मानक प्रक्रिया का विधिवत पालन कर आमानागरिको को निर्बाध सेवा प्रदान करने हेतु दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन करने के निर्देश प्राप्त हुए थे।

निर्देशों के परिपालन में जिला-बलरामपुर रामानुजगंज एवं जिला-सरगुजा के आपातकालीन वाहनो में तैनात अधिकारियो/कर्मचारियों को C-DAC टीम के मास्टर ट्रेनर द्वारा रक्षित केंद्र अंबिकापुर में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, उपरोक्त प्रशिक्षण जिले के नोडल अधिकारी डायल 112 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमोलक सिंह ढिल्लों के उपस्थिति में C-DAC के मास्टर ट्रेनर प्रोजेक्ट मैनेजर गौरव वर्मा एवं गोविंदा (विजन प्लस) द्वारा प्रदान किया गया, प्रशिक्षण के दौरान डीसीसी सरगुजा से प्रधान-आरक्षक संजीव कुमार त्रिपाठी, महिला-आरक्षक मनीषा द्विवेदी, आरक्षक अजय कुमार थवाईत, महेंद्र कुमार गोड़, प्रदीप बखला एवं मोहन पवार, ERV स्टाफ, थाना/चौकी/रक्षित केंद्र/यातायात शाखा स्टाफ एवं हाईवे पेट्रोलिंग स्टाफ मौजूद रहे।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि डॉयल-112 एकीकृत आपातकालीन सेवा है, जिसके जरिए पुलिस, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की सहायता एक ही नंबर पर उपलब्ध होगी। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक केवल 112 डॉयल कर तत्काल मदद प्राप्त कर सकेंगे। कार्यशाला में अधिकारियों ने घटनास्थल तक कम समय में पहुंचने, जीपीएस के जरिए सटीक लोकेशन ट्रैक करने और आम लोगों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य डॉयल-112 से जुड़े कर्मचारियों को तकनीकी और व्यवहारिक रूप से दक्ष बनाना है। आपातकालीन डॉयल-112 वाहन में कार्यरत बल को वाहनों में स्थापित उपकरणों (जैसे- PFT, MDT, Mobile, PTZ, Dash Camera, DCC में स्थापित तकनीकी उपकरण आदि) के व्यवहारिक संचालन के सम्बन्ध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई, साथ ही PTZ कैमरा स्थापित वाहन में तैनात पुलिस स्टाफ एवं चालक को PTZ कैमरा को प्रतिदिन नियम से चालू करने एवं PTZ कैमरा के सह-उपकरण की वर्तमान वस्तुस्थिति (कैमरा, जॉयस्टीक, सोलर पैनल, रिमोट, माउस, पॉवर सप्लाई) आदि को प्रतिदिन चेक करने की हिदायत दी गई उक्त प्रशिक्षण से जिला बलरामपुर रामानुजगंज एवं जिला सरगुजा के कुल-107 अधिकारी/कर्मचारी प्रशिक्षित हुए है।








