संवाददाता – लक्ष्मीनारायण लहरे
रायपुर/सारंगढ़। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में सारंगढ़ विधानसभा की विधायक श्रीमती उत्तरी गनपत जांगड़े ने सारंगढ़ एवं बरमकेला विकासखंड में चिकित्सा शिक्षा की उपलब्धता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने लोक स्वास्थ्य मंत्री से प्रश्न कर पूछा कि क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज, दंत चिकित्सा कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज एवं फिजियोथेरेपी कॉलेज कहाँ-कहाँ संचालित हैं तथा यदि नहीं हैं तो इन्हें खोलने के लिए शासन की क्या योजना है।
इस पर लोक स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सदन में स्पष्ट उत्तर दिया कि सारंगढ़ एवं बरमकेला विकासखंड में वर्तमान में मेडिकल कॉलेज, दंत चिकित्सा कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज एवं फिजियोथेरेपी कॉलेज उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के अंतर्गत केवल सारिया में एक नवीन नर्सिंग महाविद्यालय प्रस्तावित है। इसके अलावा मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग अथवा फिजियोथेरेपी कॉलेज खोलने का शासन के पास फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री के जवाब में गौर करने वाली बात ये भी है की बरमकेला के जगह सरिया को विकासखंड बताना तथा सरिया जो कि रायगढ़ विधानसभा का हिस्सा है में नर्सिंग कालेज की स्थापना। सारंगढ़ विधानसभा के विकासखंड बरमकेला और सारंगढ़ इस सरकार में हमेशा उपेक्षा का शिकार हो रहा है।
विधायक श्रीमती उत्तरी गनपत जांगड़े ने कहा कि नवगठित सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के हजारों विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के लिए रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर अथवा अन्य जिलों का रुख करना पड़ता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से जिले में चिकित्सा शिक्षा संस्थानों की स्थापना के लिए ठोस पहल करने की मांग की।
क्षेत्र के लोगों का भी मानना है कि तेजी से बढ़ती आबादी और स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता को देखते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग एवं फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना समय की आवश्यकता है। इससे न केवल स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा का अवसर मिलेगा, बल्कि जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को भी नई मजबूती मिलेगी।








