संवाददाता – विनीत पिल्लई
धमतरी। धमतरी के बहुचर्चित हत्या मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों ने मामूली विवाद के चलते एक 24 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। धमतरी पुलिस की त्वरित कार्रवाई, वैज्ञानिक विवेचना और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और अर्थदंड से दंडित किया।
पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने इस प्रकरण की प्रभावी विवेचना करने वाले तत्कालीन विवेचना अधिकारी निरीक्षक राजेश मरई को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
मामूली विवाद में ले ली जान
पुलिस के अनुसार, 31 जनवरी 2025 की रात करीब 11 बजे शंकर ढीमर (24) अपने साथी रितेश पेंडरिया के साथ मराठापारा में आयोजित एक छठी कार्यक्रम में भोजन करने गया था। कार्यक्रम से लौटने के बाद दोनों मराठा मंगल भवन के पास पीपल के पेड़ के नीचे बैठे थे।
इसी दौरान आरोपी मोनू उर्फ कुई ध्रुव और जन्मदेव सोरी वहां पहुंचे। दोनों के बीच पहले से चल रहे विवाद को लेकर कहासुनी हुई और आरोपियों ने चाकू से शंकर के सीने, पेट और जांघ पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल शंकर को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
साइकिल विवाद बना हत्या की वजह
जांच में सामने आया कि घटना से दो-तीन दिन पहले मृतक ने कथित रूप से आरोपी के मामा की साइकिल वापस नहीं की थी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच रंजिश चल रही थी। पुलिस के मुताबिक, इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने तत्काल गिरफ्तार किए आरोपी
घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 351(2) सहपठित धारा 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।समयबद्ध जांच पूरी कर पुलिस ने मजबूत साक्ष्यों के साथ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और पुलिस की प्रभावी विवेचना के आधार पर न्यायालय ने मोनू उर्फ कुई ध्रुव और जन्मदेव सोरी को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास और 500-500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही विचारण अवधि के 529 दिनों का समायोजन भी नियमानुसार प्रदान किया गया।
विवेचना अधिकारी होंगे सम्मानित
पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने कहा कि इस जघन्य हत्याकांड में उत्कृष्ट विवेचना और प्रभावी साक्ष्य संकलन के कारण ही दोषियों को कठोर सजा मिल सकी। उन्होंने तत्कालीन विवेचना अधिकारी निरीक्षक राजेश मरई को उनके सराहनीय कार्य के लिए पुरस्कृत करने की घोषणा की है।







