शब्बीर कुरैशी/बालोद –
दल्ली राजहरा नगर में अवैध रूप से बिक रही शराब पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर श्रमिक नेता संजय सिंह ने जिला कलेक्टर बालोद को स्मरण पत्र सौंपा है। उन्होंने कहा कि यदि 6 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो 27 जुलाई 2026 से तहसील कार्यालय के सामने आमरण अनशन करेंगे।
हर गली-मोहल्ले में अवैध शराब का कारोबार
स्मरण पत्र दिनांक 21.07.2026 में संजय सिंह ने लिखा है कि दल्ली राजहरा नगर के सभी 27 वार्डों में शराब कोचियों द्वारा अवैध शराब की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है। श्रमिक बहुल्य नगर होने के कारण यहां के मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। कोचिये सरकारी दुकान से शराब लेकर उसे ऊंची कीमत पर गली-मोहल्लों में बेच रहे हैं।

धमकी देकर करते हैं बिक्री
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि यदि कोई वार्डवासी या गली-मोहल्ले के लोग अवैध बिक्री का विरोध करते हैं तो कोचिये उन्हें जान से मारने की धमकी देते हैं। इसी डर से आम जनता इनके खिलाफ मुंह नहीं खोल पा रही है। इससे पूरे शहर में भय का माहौल बना हुआ है।
पुलिस और स्थानीय नेता पर मिलीभगत का आरोप
संजय सिंह ने पत्र में लिखा कि पुलिस थाना में शिकायत करने के बाद भी स्थानीय पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। इससे लगता है कि कोचियों को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है। साथ ही एक स्थानीय नेता का भी इन्हें सहयोग मिल रहा है, जिसके चलते इनके हौसले बुलंद हैं।
वार्ड 04 का दिया विशेष उदाहरण
पत्र में वार्ड क्रमांक 04 का जिक्र करते हुए कहा गया कि नाला किनारे सेन समाज व देवार समाज के भवन के पीछे अमित नामक युवक सुबह से देर रात तक खुलेआम अवैध शराब बेचता है। इसकी जानकारी पुलिस को होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही। वह लोगों को खुलेआम चुनौती देता है कि “अगर दम है तो धंधा बंद करवा दो”।
पहले भी दी गई थी शिकायत
श्रमिक नेता ने कहा कि इस संबंध में पूर्व में भी जिला प्रशासन को पत्र लिखा गया था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए अब पुनः स्मरण पत्र देकर अवैध शराब बिक्री पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। उनका कहना है कि इससे शासन-प्रशासन की विश्वसनीयता बनी रहेगी।
27 जुलाई से आमरण अनशन की चेतावनी
संजय सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि 6 दिवस के भीतर अवैध शराब कोचियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे 27.07.2026 से दल्ली राजहरा तहसील कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। इसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन-प्रशासन की होगी।
प्रशासन से की गई निष्पक्ष जांच की मांग
उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि अवैध शराब बिक्री में शामिल कोचियों, सरकारी दुकान के संलिप्त कर्मचारियों और संरक्षण देने वाले लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों इसके लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए।
प्रतिलिपि संबंधित अधिकारियों को भेजी
इस स्मरण पत्र की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक बालोद, जिला आबकारी अधिकारी, एसडीएम दल्ली राजहरा और थाना प्रभारी दल्ली राजहरा को भी भेजी गई है। ताकि समन्वय बनाकर त्वरित कार्रवाई की जा सके।
नागरिकों में आक्रोश, समर्थन की बात
पत्र सामने आने के बाद दल्ली राजहरा के नागरिकों में अवैध शराब के खिलाफ आक्रोश है। कई सामाजिक संगठनों ने संजय सिंह के कदम का समर्थन किया है। उनका कहना है कि अवैध शराब के कारण परिवार बर्बाद हो रहे हैं और अपराध बढ़ रहे हैं। अब प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।







