-तीन साल से जर्जर है बारसूर के नयापारा प्राथमिक शाला का भवन, छत से गिर रही सीलिंग और झूल रहे सरिए, नए भवन की मांग
बारसूर, दंतेवाड़ा – करोड़ों रुपये के जिला खनिज न्यास (DMF) फंड वाले दंतेवाड़ा जिले में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। नगर पंचायत बारसूर के वार्ड क्रमांक 11 स्थित प्राथमिक शाला नयापारा का भवन पिछले तीन वर्षों से जर्जर हालत में है। भवन की छत से लगातार सीलिंग गिर रही है और कई जगहों पर सरिए बाहर निकलकर झूल रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय के शिक्षकों ने करीब एक महीने पहले स्कूल को खाली कराकर पास स्थित पार्षद भवन में कक्षाएं संचालित करना शुरू कर दिया है। छोटे से एक कमरे में पहली से पांचवीं तक के सभी बच्चों को एक साथ बैठाकर पढ़ाई कराई जा रही है। शिक्षकों का कहना है कि जर्जर भवन में पढ़ाई कराना बच्चों की जान जोखिम में डालने जैसा है।

स्थानीय लोगों और शिक्षकों के अनुसार, नए स्कूल भवन की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक न तो नया भवन स्वीकृत हुआ है और न ही पुराने भवन की मरम्मत कराई गई है। नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण बच्चों को अस्थायी व्यवस्था में पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
कांग्रेस पार्षद मोहित प्रधान का कहना है कि उन्होंने पिछले एक वर्ष में कई बार संबंधित अधिकारियों को जर्जर स्कूल भवन की शिकायत की। राज्य सरकार के सुशासन तिहार में भी इस समस्या को उठाया गया, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि विद्यालय पूरी तरह जर्जर हो चुका है और कभी भी ढह सकता है। यदि समय रहते नया भवन या सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।







