-सरकारी योजना का लाभ, बैंक का सहयोग और मेहनत ने बनाया स्वरोजगार का मजबूत आधार
पुकार बाफना/बीजापुर, 21 अगस्त 2026/ प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) ने बीजापुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र के युवा श्री अजय कुरसम के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की नई राह खोल दी है। नयापारा, पेद्दाकवाली/चिन्नाकवाली निवासी अजय कुरसम ने योजना के माध्यम से ऋण प्राप्त कर चिन्नकोडेपाल में सिलाई एवं कपड़े की दुकान शुरू की है। आज वे अपने व्यवसाय का सफलतापूर्वक संचालन कर परिवार की आर्थिक जरूरतों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
अजय कुरसम, पिता श्री रामचंद्र कुरसम, ने स्वयं का रोजगार स्थापित करने के उद्देश्य से जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, बीजापुर के माध्यम से अपना ऋण प्रकरण तैयार कराया। प्रकरण को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, मोदकपाल शाखा भेजा गया, जहां परीक्षण के बाद उन्हें ₹1.00 लाख का ऋण स्वीकृत एवं वितरित किया गया। योजना के प्रावधानों के तहत उन्हें 35 प्रतिशत अनुदान (सब्सिडी) का लाभ भी मिला।
मेहनत और लगन से मजबूत हुई आर्थिक स्थिति
ऋण प्राप्त होने के बाद अजय ने चिन्नकोडेपाल में सिलाई एवं कपड़े की दुकान शुरू की। नियमित मेहनत और लगन के साथ वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा रहे हैं। दुकान से उन्हें आय का स्थायी साधन मिला है, जिससे वे अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सहयोग कर रहे हैं।
अजय बताते हैं कि PMEGP के माध्यम से मिला सहयोग उनके लिए स्वरोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ। सरकारी योजना से मिली वित्तीय सहायता का बेहतर उपयोग करते हुए उन्होंने छोटे स्तर से अपना व्यवसाय शुरू किया और उसे आगे बढ़ाने का प्रयास जारी रखा है।
डिजिटल प्रचार से बढ़ रहा कारोबार
अजय अपने व्यवसाय के प्रचार-प्रसार के लिए पारंपरिक माध्यमों के साथ-साथ YouTube सहित डिजिटल माध्यमों का भी उपयोग कर रहे हैं। इससे उनकी दुकान और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी अधिक लोगों तक पहुंच रही है तथा ग्राहकों की संख्या बढ़ाने में भी मदद मिल रही है।
युवाओं के लिए बने प्रेरणा
अजय कुरसम की सफलता आसपास के ग्रामीणों और युवाओं के लिए प्रेरणादायी बन रही है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग, बैंक का सहयोग और हितग्राही की मेहनत एवं लगन मिलकर रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन सकते हैं।
PMEGP के माध्यम से अजय ने रोजगार की तलाश करने वाले व्यक्ति से स्वयं का रोजगार स्थापित करने वाले उद्यमी बनने की दिशा में कदम बढ़ाया है। उनका सिलाई एवं कपड़ा व्यवसाय आज उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ ही क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है।







