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डेयरी उद्यमिता योजना से नवधा प्रसाद यादव बने आत्मनिर्भर, दूध व्यवसाय से प्राप्त कर रहे प्रतिमाह 60 हजार रुपये की आय

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संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
          जिला सक्ती, 28 सितंबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आमजन की सेवा की कहानियां सामने आ रही है। पशुपालन को स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में शासन द्वारा  पशु चिकित्सा विभाग अंतर्गत संचालित राज्यपोषित डेयरी उद्यमिता विकास योजना यथा संशोधित 2019 ग्रामीण किसानों के लिए आय का स्थायी माध्यम बन रही है। योजना का लाभ लेकर जैजैपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत आमाकोनी निवासी श्री नवधा प्रसाद यादव, पिता श्री कफूल लाल यादव ने डेयरी व्यवसाय को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया है। योजना का लाभ मिलने से पहले श्री नवधा प्रसाद यादव एक सामान्य किसान थे। उनकी आजीविका और आय का मुख्य आधार पारंपरिक खेती थी। कृषि के अतिरिक्त आय का कोई स्थायी या वैकल्पिक साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर थी। परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आय के सीमित साधनों पर ही निर्भर रहना पड़ता था। श्री नवधा प्रसाद यादव को राज्यपोषित डेयरी उद्यमिता विकास योजना के अंतर्गत दो उन्नत नस्ल के दुधारू गाय उपलब्ध कराए गए। इनकी इकाई लागत 1.40 लाख रुपये थी, जिस पर 50 प्रतिशत अनुदान का लाभ मिला। इसके साथ ही पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण, कृमिनाशक दवाइयां, कृत्रिम गर्भाधान तथा तकनीकी मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं भी विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गईं। पशुओं की नियमित स्वास्थ्य जांच एवं उपचार के लिए जैजैपुर के पशु चिकित्सा दल तथा मोबाइल वेटरनरी यूनिट की सेवाएं भी प्राप्त होती रहीं। विभागीय सहयोग और तकनीकी मार्गदर्शन से श्री यादव ने डेयरी व्यवसाय को व्यवस्थित एवं आधुनिक तरीके से आगे बढ़ाया।
              श्री नवधा प्रसाद यादव ने कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination) जैसी आधुनिक तकनीक को अपनाकर डेयरी व्यवसाय में सफलता हासिल की। वर्तमान में उनके पास 12 उन्नत नस्ल के गोवंश हैं, जिनसे प्रतिदिन लगभग 60 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। उत्पादित दूध को वे ननकीदाऊ मिठान भंडार, हसौद में बेचते हैं। इससे उन्हें प्रतिमाह लगभग 60 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है। डेयरी व्यवसाय से प्राप्त नियमित आय ने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया है।
एक किसान से सफल डेयरी उद्यमी तक का सफर
          योजना से मिले सहयोग, पशुधन, तकनीकी मार्गदर्शन और स्वयं की मेहनत ने श्री नवधा प्रसाद यादव के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। जहां पहले वे मुख्य रूप से पारंपरिक खेती पर निर्भर थे, वहीं आज डेयरी व्यवसाय उनकी आय का महत्वपूर्ण और नियमित स्रोत बन गया है। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि शासकीय योजनाओं का प्रभावी लाभ लेकर किसान कृषि के साथ पशुपालन को अपनाकर अपनी आय के अतिरिक्त साधन विकसित कर सकते हैं। श्री नवधा प्रसाद यादव बताते हैं कि पशुधन विकास विभाग की इस योजना ने मुझे एक सामान्य किसान से आत्मनिर्भर एवं सफल उद्यमी बनने का अवसर दिया है। आज मेरा परिवार इस व्यवसाय से बेहद खुश और समृद्ध महसूस कर रहा है। मैं अपने जीवन में बदलाव लाने वाले इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

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