महासमुंद संवाददाता – अब्दुल रफ़ीक खान
महासमुंद:
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर ने 40 किलोग्राम गांजा तस्करी के एक मामले में अहम फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों—अमीन अकबर शेख और शाहरुख आलम शेख—की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। माननीय न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडे की एकलपीठ ने 30 सितंबर 2026 को दोनों आवेदकों को नियमित जमानत देने का आदेश जारी किया।
क्या है पूरा मामला?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 27 अक्टूबर 2023 की रात महासमुंद जिले के सिंघोड़ा थानांतर्गत पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर एनएच-53 पर ग्राम रेहटीखोल के पास एक इनोवा कार (MH-12-CY-4778) को रोका था। तलाशी के दौरान वाहन से कुल 40 किलोग्राम मादक पदार्थ (गांजा) बरामद किया गया। इस मामले में पुलिस ने धारा 20(b) एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वे जेल में निरुद्ध थे।
अदालत में दी गई दलीलें:
आरोपियों की ओर से उच्च न्यायालय में विद्वान अधिवक्ता श्री धीरेंद्र प्रसाद मिश्रा ने पैरवी की। उन्होंने दलील पेश करते हुए अदालत को बताया कि इसी मामले के सह-आरोपी कामरान आरिफ शेख को माननीय सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) द्वारा 17 अगस्त 2026 को विशेष अनुमति याचिका (SLP Crl. No. 11668/2026) में पहले ही जमानत का लाभ दिया जा चुका है। अधिवक्ता ने समानता (पैरिटी) के आधार पर आवेदकों को भी राहत देने की मांग की और उल्लेख किया कि आरोपी 27 अक्टूबर 2023 से हिरासत में हैं, उनका कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है तथा ट्रायल पूरा होने में समय लग सकता है।
शर्तों के साथ मिली राहत:
उच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने तथा सुप्रीम कोर्ट द्वारा सह-आरोपी को दी गई जमानत के तथ्य को ध्यान में रखते हुए आवेदकों की द्वितीय जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने प्रत्येक आरोपी को 50,000 रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के एक स्थानीय जमानदार प्रस्तुत करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया है। साथ ही, गवाहों को प्रभावित न करने और विचारण न्यायालय में नियमित उपस्थित रहने की शर्तें भी लगाई गई हैं।







