Home चर्चा में डीए के मामले में दोहरा मापदण्ड अनुचित – शिक्षककल्याणसंघ

डीए के मामले में दोहरा मापदण्ड अनुचित – शिक्षककल्याणसंघ

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आरंग संवाददाता – सोमन साहू

आरंग –चुनावी घोषणा पत्र में मोदी की गारंटी के तहत राज्य कर्मियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ते का अधिकार है केंद्रीय कर्मियों के डी ए में 3% वृद्धि के बाद अब राज्य कर्मचारी फिर से 3% पीछे हो गए हैं मंहगाई दर केंद्र व राज्य कर्मचारियों दोनों के लिए समान रूप से बढ़ा है इस दृष्टि से राज्य कर्मचारियों के साथ भेदभाव समझ से परे है राज्य कर्मचारी शासन की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने वाली मुख्य कड़ी है अतः इनकी आर्थिक हितों की उपेक्षा सर्वथा अनुचित है समान डी ए से वंचित रखना राज्य कर्मचारियों के अधिकारों का हनन है लम्बित डी ए के कारण इन कर्मचारियों को वेतन में प्रतिमाह हजारों रुपए का घाटा हो रहा है राज्य शासन द्वारा शासकीय कर्मचारियों की उपेक्षा व भेदभाव पूर्ण नीति के चलते उक्त कर्मियों में निराशा एवं नाराजगी है राज्य कर्मचारी लगातार महंगाई के बीच वेतन में राहत मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। शिक्षक संघ आरंग अध्यक्ष हरीश दीवान, डॉ.बेदलाल साहू, प्रवक्ता पं छत्रधर दीवान, राजकुमार दीपक, छोटूराम साहू, प्रफुल्ल मांझी, युवराम साहू, ठाकुर राम साहू,हेमन्त चंद्राकर, जग्गुराम साहू, भास्कर यादव, टीकाराम साहू,जिलाध्यक्ष कुम्भज सोनवानी, नेमेश्वर साहू गणेश राम साहू व्याख्याता निर्मला पाण्डेय ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि बढ़ती महंगाई के कारण घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। संघ के नेताओं का मानना है कि प्रदेश की उत्तरोत्तर प्रगति में राज्य कर्मचारियों की अहम भूमिका है और उक्त कर्मचारीगण ही राज्य के विकास के आधार स्तंभ हैं किन्तु डी ए में असमानता से इन कर्मियों में हीनता का भाव घर कर गया है क्या भविष्य में केन्द्र के समान देय तिथि से मंहगाई भत्ता देने की कोई स्थायी व्यवस्था बनेगी यह एक यक्ष प्रश्न है जिसका उत्तर सरकार के पास है शिक्षक कल्याण संघ ने राज्य सरकार से राज्य कर्मचारियों को केंद्र के समान डी ए प्रदान करने की माँग की है

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