Home दुर्ग डॉक्टर के घर एक करोड़ की चोरी का खुलासा, 9 आरोपी गिरफ्तार;...

डॉक्टर के घर एक करोड़ की चोरी का खुलासा, 9 आरोपी गिरफ्तार; फर्श के नीचे गाड़े थे गहने और नकदी, चोरी के पैसों से खरीदी कार और कराई बोरिंग

4
0

दुर्ग/भिलाई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक महिला डॉक्टर के सूने मकान से करीब एक करोड़ रुपये की नकदी और कीमती आभूषणों की चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। वैशाली नगर थाना क्षेत्र में हुई इस सनसनीखेज वारदात में पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने चोरी की रकम को छिपाने से लेकर उसे खर्च करने तक के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए। किसी ने घर के फर्श के नीचे गड्ढा खोदकर नकदी और सोने के गहने छिपाए, तो किसी ने चोरी के पैसों से सेकेंड हैंड कार और मोटरसाइकिल खरीद ली। इतना ही नहीं, चोरी की रकम से घर में बोरिंग कराने और मकान की मरम्मत करवाने की बात भी सामने आई है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 47 लाख 64 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, एक्सयूवी कार, मोटरसाइकिल, इनोवा वाहन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान सहित करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद की है। हालांकि, इस पूरी वारदात का मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ अभी फरार है। पुलिस की विशेष टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई हैं।

परिवार के साथ बाहर गई थीं डॉक्टर, लौटने पर हुआ चोरी का खुलासा

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सुंदर नगर निवासी डॉक्टर नमिता मित्तल 17 अक्टूबर 2026 को अपने परिवार के साथ घर में ताला लगाकर एक सप्ताह के लिए बाहर गई थीं। 23 अक्टूबर की सुबह जब वह वापस लौटीं तो घर के अंदर सामान बिखरा मिला। जांच करने पर अलमारी में रखी नकदी, सोने-चांदी और डायमंड के कीमती आभूषण गायब मिले।

चोरी गए सामान की कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई। इसके बाद डॉक्टर ने वैशाली नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता और चोरी गई संपत्ति की बड़ी कीमत को देखते हुए पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से मुख्य आरोपी तक पहुंची पुलिस

मामले की जांच के लिए दुर्ग पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर वैशाली नगर निवासी राहुल बंसोड़ की भूमिका सामने आई।

पुलिस के अनुसार, राहुल को डॉक्टर के परिवार की आर्थिक स्थिति और उनके घर से बाहर जाने की जानकारी थी। इसी का फायदा उठाकर उसने साथियों के साथ मिलकर सूने मकान को निशाना बनाया। वारदात के बाद आरोपी अलग-अलग राज्यों में ठिकाने बदलते रहे।

छत्तीसगढ़ से यूपी तक पुलिस ने की तलाश

आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमों ने छत्तीसगढ़ के गोंदिया और महाराष्ट्र के नागपुर सहित उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर, प्रयागराज और भदोही में दबिश दी। पुलिस से बचने के लिए आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ आरोपी गंगा नदी के एक किनारे से दूसरे किनारे तक नाव के जरिए आवाजाही कर रहे थे।

इस दौरान पुलिस ने प्रदीप कुमार चौधरी को गिरफ्तार किया। वह मिर्जापुर-भदोही क्षेत्र में गंगा नदी के किनारे से नाव के जरिए भागने की कोशिश कर रहा था। पूछताछ में उसने चोरी की वारदात और अन्य सहयोगियों की भूमिका से जुड़ी अहम जानकारियां दीं।

फर्श के नीचे गड्ढा खोदकर छिपाए थे रुपये और गहने

पुलिस की जांच में चोरी की रकम छिपाने का हैरान करने वाला तरीका सामने आया। आरोपी प्रदीप कुमार चौधरी ने अपने हिस्से की नकदी और सोने के आभूषण घर के कमरे के फर्श के नीचे गड्ढा खोदकर छिपा रखे थे। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर वहां से नकदी और गहने बरामद किए।

जांच में यह भी पता चला कि चोरी के कुछ सोने के आभूषण भदोही के वैष्णवी ज्वेलर्स के संचालक सोनू जायसवाल को कम कीमत पर बेचे गए थे। आरोप है कि ज्वेलर्स ने इन आभूषणों को अपने घर में रखी भट्ठी में गलाकर उनका मूल स्वरूप बदल दिया था, ताकि उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाए।

चोरी के पैसों से खरीदी कार, घर में कराई बोरिंग

पुलिस जांच में चोरी की रकम के इस्तेमाल को लेकर भी कई अहम खुलासे हुए हैं। मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ वारदात के बाद भिलाई से फरार होकर गोंदिया, नागपुर, मिर्जापुर और प्रयागराज होते हुए दिल्ली पहुंचा था। वहां उसने चोरी के पैसों से सेकेंड हैंड एक्सयूवी कार खरीदी। इसके बाद वह इसी वाहन से वापस भिलाई लौटा।

वहीं, प्रदीप कुमार चौधरी ने भी चोरी की रकम से करीब एक लाख रुपये की सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल खरीदी थी। इसके अलावा उसने अपने घर में बोरिंग करवाने, मकान की मरम्मत कराने और मोटर पंप लगवाने में भी चोरी के पैसों का इस्तेमाल किया।

पुलिस ने चोरी की रकम से खरीदी गई एक्सयूवी कार और मोटरसाइकिल को भी बरामद कर जब्त किया है।

फरार होने के लिए इनोवा की व्यवस्था, तड़के 3 बजे पुलिस ने घेरा

पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ ने चोरी की नकदी और आभूषण अपने माता-पिता और भाई के पास सुरक्षित छिपाकर रखे थे। पुलिस की गतिविधियों की भनक लगने पर वह अपनी एक्सयूवी कार सुपेला चौक के आसपास छोड़कर फरार हो गया।

इसके बाद उसने अपने भाई आयुष बंसोड़ और परिचितों से इनोवा कार की व्यवस्था कर चोरी का सामान सुरक्षित स्थान पर ले जाने को कहा। जांच में आयुष बंसोड़, रेखचंद्र देवांगन, इनोवा वाहन मालिक आकाश कुमार श्रीपाद और अमन सिंह की भूमिका सामने आई।

पुलिस की अलग-अलग टीमों ने संभावित रास्तों पर घेराबंदी की। इसी दौरान शनिवार तड़के करीब 3 बजे चोरी का माल लेकर जा रहे आरोपियों को आगे और पीछे से घेरकर पकड़ लिया गया। कार्रवाई में इनोवा वाहन सहित नकदी और आभूषण बरामद किए गए।

चोरी का माल खपाने में मदद करने वाले भी गिरफ्तार

पुलिस की जांच में सामने आया कि प्रदीप के रिश्तेदार सुजीत सिंह उर्फ बाबू ने चोरी के आभूषणों की बिक्री कराने और चोरी का सामान खपाने में मदद की थी। इसके बदले उसे लाखों रुपये मिलने की जानकारी सामने आई है।

इसी तरह चोरी के गहने खरीदने और उन्हें गलाकर स्वरूप बदलने के आरोप में भदोही के वैष्णवी ज्वेलर्स के संचालक सोनू जायसवाल को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने चोरी का सामान छिपाने, आरोपियों को संरक्षण देने और फरार होने में मदद करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की है।

गिरफ्तार किए गए 9 आरोपियों के नाम

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:

  1. प्रदीप कुमार चौधरी (20 वर्ष), निवासी भदोही, उत्तर प्रदेश।
  2. सुजीत सिंह (32 वर्ष), निवासी मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश।
  3. सोनू जायसवाल (37 वर्ष), निवासी भदोही, उत्तर प्रदेश।
  4. रविन्द्र बंसोड़ (49 वर्ष), निवासी वैशाली नगर, भिलाई।
  5. किरण बंसोड़ (48 वर्ष), निवासी वैशाली नगर, भिलाई।
  6. आयुष बंसोड़ (29 वर्ष), निवासी वैशाली नगर, भिलाई।
  7. रेखचंद्र देवांगन (26 वर्ष), निवासी वैशाली नगर, भिलाई।
  8. आकाश कुमार श्रीपाद (26 वर्ष), निवासी हाउसिंग बोर्ड, दुर्ग।
  9. अमन सिंह (25 वर्ष), निवासी कैंप-01, दुर्ग।

करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 47 लाख 64 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, चांदी के बिस्किट, एक्सयूवी कार, सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, इनोवा वाहन, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक एवं कंप्यूटर उपकरण जब्त किए हैं। बरामद संपत्ति का कुल मूल्य करीब एक करोड़ रुपये बताया गया है।

मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ अब भी फरार

इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। मामले में नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

दुर्ग पुलिस की इस कार्रवाई से एक बड़े अंतरराज्यीय चोरी गिरोह का खुलासा हुआ है। अब पुलिस की प्राथमिकता फरार मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने और चोरी की शेष संपत्ति के संबंध में जांच पूरी करने की है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here