आरंग संवाददाता – सोमन साहू
किसान नेता पारसनाथ साहू, बालेश साहू झनकराम आवडे, गोविन्द चन्द्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस साल बहुत कम मात्रा में रासायनिक खाद सप्लाई करने की पूरी तैयारी कर चुकी है जिसके तहत ग्रामीण सेवा सहकारी समितियां में खाद लेने हेतु पंजीयन होने के पश्चात भी किसानों को खाद देने पर रोक लगा दी है एवं एग्री स्टेट पोर्टल में दर्ज रकबा को आधार मानकर ही खाद देने की योजना थी जिसे भी पोर्टल से उसका रकबा हटा दिया गया है किसान सुधरवाने भटक रहे हैं पंजीयन होने के बावजूद उसकी खाद नहीं दिया जा रहा है.

पिछले साल से भी ज्यादा खाद की दिक्कत किसानों को आने वाली है सरकार किसानों को गुमराह कर रही है पहले 60- 40 राशि की खाद किसानों को दिया जाता था उसे भी बदलकर 70…30 के अनुपात में देने का निर्णय लिया है यानी निजी दुकानदारों को फायदा पहूंचाने व माध्यम बनाकर भ्रष्टाचार करने की छूट दे दी गई है सरकार नये नियम को रद्द कर सहजता से किसानों को खाद उपलब्ध कराये क्योंकि अक्षय तृतीया के बाद कृषि कार्य प्रारंभ हो जाता है किसानों की मांग को अनसुना किया गया तो या भेदभाव पूर्ण वितरण किया गया तो प्रदेश भर के किसान नेपाल की तर्ज पर आंदोलन करेंगे








