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जांजगीर-चांपा में आस्था का महासंगम: 25 अप्रैल को 1000 साल पुराने सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दिव्य दर्शन का आयोजन

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जांजगीर चांपा संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
जांजगीर चांपा में श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का एक अद्भुत संगम देखने को मिलने वाला है। “आर्ट ऑफ लिविंग परिवार” द्वारा 25 अप्रैल 2026 को रानी सती दादी मंदिर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें भक्तों को 1000 वर्ष पुराने पवित्र सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दिव्य दर्शन का अवसर प्राप्त होगा। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह लोगों के भीतर आध्यात्मिक चेतना जागृत करने का भी एक सशक्त माध्यम बन रहा है।
कार्यक्रम का आयोजन “आर्ट ऑफ लिविंग” के संस्थापक एवं विश्वप्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु रवि शंकर के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। उनके अनुयायियों द्वारा इस आयोजन को भव्य और व्यवस्थित बनाने की पूरी तैयारी की गई है। आयोजकों का कहना है कि इस दिव्य दर्शन कार्यक्रम के माध्यम से लोग घर बैठे ही सोमनाथ धाम की आध्यात्मिक अनुभूति कर सकेंगे।
रानी सती दादी मंदिर बनेगा आस्था का केंद्र
जांजगीर के रानी सती दादी मंदिर में होने वाला यह आयोजन शाम 6 बजे से शुरू होगा, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया जा रहा है और भक्तों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। यह कार्यक्रम पूरी तरह नि:शुल्क रखा गया है, ताकि हर वर्ग के लोग इसमें भाग लेकर पुण्य लाभ प्राप्त कर सकें।
आस्था के साथ तकनीक का संगम
इस आयोजन की खास बात यह है कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से हजारों किलोमीटर दूर स्थित सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन यहां संभव हो पाएंगे। इससे उन श्रद्धालुओं को विशेष लाभ मिलेगा जो किसी कारणवश गुजरात जाकर दर्शन नहीं कर पाते। यह पहल धार्मिक आस्था और तकनीकी नवाचार का एक सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करती है।
समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार
आर्ट ऑफ लिविंग परिवार का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मकता, शांति और एकता का संदेश देना भी है। इस प्रकार के आयोजन लोगों को तनावमुक्त जीवन, ध्यान और आध्यात्मिकता की ओर प्रेरित करते हैं।
25 अप्रैल का यह आयोजन जांजगीर-चांपा के लिए एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक अवसर साबित होने जा रहा है।
25 अप्रैल का यह आयोजन जांजगीर-चांपा के लिए एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक अवसर साबित होने जा रहा है। हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में जब 1000 साल पुराने सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दिव्य दर्शन होंगे, तब पूरा वातावरण भक्ति और ऊर्जा से सराबोर हो उठेगा। यह आयोजन न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज को जोड़ने और आध्यात्मिक मार्ग पर अग्रसर करने का भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

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