हेमचंद्र सोनी/कोरबा। हाई कोर्ट के डबल बेंच द्वारा पुरानी सेवा की गणना से संबंधित दिए गए महत्वपूर्ण निर्णय का शिक्षकों में व्यापक स्वागत किया जा रहा है। इस फैसले को शिक्षक हित में बड़ा और सकारात्मक कदम बताते हुए शिक्षक संगठनों ने इसे वर्षों से लंबित मांगों की दिशा में निर्णायक पहल करार दिया है।
साले शिक्षक बिलासपुर संघ के संभाग अध्यक्ष भवदीप कुमार दुबे ने इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह आदेश शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा और उनके साथ न्याय सुनिश्चित करने वाला है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से शिक्षक अपनी पूर्व सेवाओं की गणना को लेकर संघर्ष कर रहे थे, जिससे उनकी वरिष्ठता, वेतनमान और अन्य सेवा लाभ प्रभावित हो रहे थे। ऐसे में हाई कोर्ट का यह निर्णय शिक्षकों के लिए राहत भरा साबित होगा।
दुबे ने राज्य शासन से मांग करते हुए कहा कि कोर्ट के इस आदेश के अनुरूप जल्द से जल्द स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि प्रदेश भर के शिक्षकों को इसका सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि शासन स्तर पर त्वरित कार्रवाई होती है तो हजारों शिक्षकों की लंबित समस्याओं का समाधान हो सकेगा और उनमें विश्वास भी बढ़ेगा।
शिक्षक संगठनों का मानना है कि इस फैसले के बाद अब शासन की जिम्मेदारी बनती है कि वह संवेदनशीलता दिखाते हुए आदेश का शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित करे। इससे न केवल शिक्षकों को आर्थिक और सेवा संबंधी लाभ मिलेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में भी सकारात्मक माहौल बनेगा। हाई कोर्ट के इस फैसले ने शिक्षकों के बीच नई उम्मीद जगाई है और अब सभी की निगाहें शासन के आगामी कदमों पर टिकी हुई हैं।








