-30 से अधिक परिवार प्रभावित, स्कूल जाने वाले बच्चों व किसानों की बढ़ी परेशानी;- कचरा जलाने से स्वच्छता अभियान भी ठप
संवाददाता उमेश कुमार प्रजापति सरगुजा बतौली सरगुजा जिले के बतौली जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत कपाटबहरी में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में निर्मित तीन सीसी सड़कों पर मिट्टी डलवा दिए जाने से बरसात के दौरान पूरी सड़क कीचड़ में तब्दील हो गई है। हालात ऐसे हैं कि करीब 30 परिवारों के लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। वहीं मामले को लेकर पंचायत के सरपंच-सचिव की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार नवापारा से गौठान जंगल तक 15वें वित्त आयोग, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना तथा गौण खनिज मद से निर्मित तीन सीसी सड़कों पर गर्मी के मौसम में मिट्टी डलवाई गई थी। बरसात शुरू होते ही यही मिट्टी कीचड़ में बदल गई, जिससे सड़क पर आवागमन बाधित हो गया है। किसान खेती-किसानी के कार्यों के लिए आने-जाने में परेशानी झेल रहे हैं, जबकि स्कूली बच्चों को भी रोजाना कीचड़ से होकर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि सीसी सड़क पर मिट्टी डालने के कारण कई स्थानों पर सड़क की सतह भी उखड़ने लगी है। लोगों का आरोप है कि आखिर सीसी सड़क पर मिट्टी क्यों डाली गई, यह जांच का विषय है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि कहीं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य को छिपाने के उद्देश्य से ऐसा तो नहीं किया गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
स्वच्छता अभियान को भी लगा झटका
ग्राम पंचायत में स्वच्छता अभियान की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार गौठान के पास बने सेग्रीगेशन शेड में स्वयं सहायता समूह द्वारा घर-घर से एकत्र किए गए लगभग दो वर्षों के कचरे में आग लगा दी गई, जिससे स्वच्छता अभियान को बड़ा झटका लगा है। इसके बाद महिलाओं ने घरों से कचरा संग्रहण का कार्य बंद कर दिया है। लाखों रुपये की लागत से खरीदा गया कचरा संग्रहण रिक्शा भी अब उपयोग के अभाव में खंडहर जैसी स्थिति में पड़ा है।
सीईओ बोले—मिट्टी हटाने के दिए गए निर्देश
मामले में बतौली जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) लक्ष्मीनारायण सिदार ने कहा कि सीसी सड़क पर डाली गई मिट्टी को हटाने के लिए संबंधित सरपंच को निर्देश दिए गए हैं। हालांकि लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और गोलमोल प्रतिक्रिया दी।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क से मिट्टी नहीं हटाई गई और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो बरसात के पूरे मौसम में लोगों को इसी तरह कीचड़ और बदहाल रास्तों से गुजरने को मजबूर होना पड़ेगा। मामला अब प्रशासन की कार्यशैली और शासकीय योजनाओं की निगरानी पर भी सवाल खड़े कर रहा है।








