रायपुर संवाददाता – रघुराज
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कानून-व्यवस्था और अपराधियों के बेखौफ हौसलों को चुनौती देती एक बेहद सनसनीखेज और खौफनाक वारदात सामने आई है।
शहर के सबसे व्यस्त और सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील इलाके में एक युवक की निर्मम हत्या कर दी गई। वारदात उस स्थान पर अंजाम दी गई जो यातायात पुलिस थाना, नगर निगम मुख्यालय, कालीबाड़ी चौक और मोर रायपुर चौक के बिल्कुल समीप स्थित है। थाने और प्रमुख सरकारी कार्यालयों के इतने करीब हुई इस खौफनाक घटना ने पूरे रायपुर शहर को हिलाकर रख दिया है।
सुप्रभात के समय जब शहर की सड़कें धीरे-धीरे जाग रही थीं, तब इस जघन्य अपराध की खबर आग की तरह फैल गई। राहगीरों ने जब खून से लथपथ शव को एक व्यावसायिक परिसर में पड़ा देखा, तब जाकर इस पूरी घटना का पर्दाफाश हुआ।
घटना की पूरी कहानी: सुबह-सुबह खुला खौफनाक राज
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना राजधानी रायपुर के बैरन बाजार और कालीबाड़ी के पास स्थित पुराने महिला थाना परिसर तथा एक निजी कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के पास हुई। आज की सुबह लगभग 5:00 से 6:00 बजे के बीच इस वारदात को अंजाम दिया गया।
रात भर रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश के कारण ऐसा माना जा रहा है कि मृतक और उसके साथ मौजूद व्यक्ति या व्यक्तियों ने इस कॉम्प्लेक्स के शटर के नीचे बारिश से बचने के लिए शरण ली थी। कॉम्प्लेक्स की दुकानें आमतौर पर दिन में 11 से 12 बजे के आसपास खुलती हैं, इसलिए रात और अलसुबह के वक्त यह स्थान पूरी तरह सुनसान रहता है।
इसी दौरान किसी बात को लेकर आपस में तीखा विवाद शुरू हुआ। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी ने बेहद क्रूरता से युवक की हत्या कर दी। सुबह जब लोग वहां से गुजरने लगे, तो उन्होंने शटर के नीचे एक व्यक्ति को बेसुध और खून से लथपथ पड़ा देखा। पहले तो राहगीरों को लगा कि शायद कोई सो रहा है, लेकिन नजदीक जाकर देखने पर फर्श और दीवारों पर बिखरा खून देखकर उनके रोंगटे खड़े हो गए। इसके तुरंत बाद आसपास के लोगों ने नजदीकी यातायात थाने की पुलिस को सूचना दी।
घटनास्थल का भयावह मंजर: हर तरफ बिखरे थे खून के धब्बे
वारदात की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कॉम्प्लेक्स की सीढ़ियों, फर्श, दीवार और शटर तक पर खून के बड़े-बड़े छींटे पड़े हुए थे। घटनास्थल का दृश्य इतना दर्दनाक और विचलित कर देने वाला था कि कमजोर दिल वाले व्यक्ति के लिए उसे देखना आसान नहीं था।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल और फोरेंसिक (एफएसएल) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट्स, खून के नमूने और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए। कॉम्प्लेक्स की सीढ़ियों और शटर के आसपास पुलिस की जांच से जुड़ी सामग्रियां और ग्लव्स बिखरे पड़े थे, जो इस बात की गवाही दे रहे थे कि साक्ष्य जुटाने के लिए विस्तृत छानबीन की गई है।
सीसीटीवी कैमरों और एफएसएल जांच से सुराग जुटाने में जुटी पुलिस
घटनास्थल का निरीक्षण करने पर पाया गया कि वहां सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे। परिसर में लगा एक कैमरा टूटा हुआ पाया गया, जबकि दूसरा कैमरा सुरक्षित हालत में था। इसके अलावा, ट्रैफिक पुलिस और चौक-चौराहों पर लगे सुरक्षा कैमरों की फुटेज को भी खंगाला जा रहा है।
पुलिस का मानना है कि सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से आरोपी की पहचान करने और उसकी गतिविधियों का पता लगाने में बड़ी मदद मिलेगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या वारदात के समय आरोपी अकेला था या उसके साथ कोई अन्य साथी भी शामिल था।
मृतक की पहचान: ओडिशा का रहने वाला था प्रकाश हरिजन
पुलिस जांच और परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान प्रकाश हरिजन के रूप में हुई है। प्रकाश मूल रूप से पड़ोसी राज्य ओडिशा का निवासी था, लेकिन वह पिछले कई वर्षों से रायपुर के नेहरू नगर इलाके में रहकर अपना जीवन यापन कर रहा था।
प्रकाश पेशे से एक दिहाड़ी मजदूर था। वह रायपुर के प्रसिद्ध मजदूर चौराहे पर काम की तलाश में जाता था, जहां से दैनिक मजदूरी के आधार पर लोग उसे काम पर ले जाते थे। चार सदस्यों वाले परिवार में प्रकाश सबसे छोटा भाई था। परिजनों के अनुसार, वह स्वभाव से सीधा-साधा था और मजदूरी करके किसी तरह अपना गुजर-बसर करता था।
ईंट से सिर पर ताबड़तोड़ वार कर ली गई जान
शुरुआती दौर में आशंका जताई जा रही थी कि हत्या में किसी धारदार हथियार का इस्तेमाल किया गया होगा, क्योंकि मौके पर अत्यधिक मात्रा में रक्तस्राव हुआ था। हालांकि, बाद में मिली जानकारी और शुरुआती जांच के अनुसार यह बात सामने आई कि हमलावर ने किसी धारदार हथियार के बजाय भारी ईंट से प्रकाश के सिर पर ताबड़तोड़ हमला किया।
आरोपी ने ईंट को प्रकाश के सिर पर बार-बार पटका, जिससे उसके नाक, कान और मुंह से भारी मात्रा में खून बहने लगा और अत्यधिक चोट लगने के कारण उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
मेकाहारा अस्पताल के बाहर गमगीन परिजन और इंसाफ की मांग
घटना के बाद पुलिस ने प्रकाश के शव का पंचनामा तैयार कर उसे पोस्टमार्टम के लिए रायपुर के मेकाहारा (डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मृति अस्पताल) के मरचुरी हाउस भेजा। अस्पताल के बाहर मृतक के भाई और अन्य रिश्तेदार भारी संख्या में जमा थे।
परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। वे इतने गहरे सदमे और शोक में थे कि मीडिया कैमरों के सामने कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं थे। हालांकि, परिजनों ने साफ तौर पर यह मांग की है कि इस बर्बरतापूर्ण हत्या के दोषी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उसे सख्त से सख्त सजा देकर न्याय दिलाया जाए।
आपसी रंजिश या नशे के विवाद की आशंका
पुलिस की प्राथमिक जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि यह वारदात किसी पुरानी रंजिश या फिर शराब/नशे के दौरान हुए तात्कालिक विवाद का नतीजा हो सकती है। मजदूरी करने वाले साथियों के बीच अक्सर देर रात या सुबह-सुबह किसी बात को लेकर कहासुनी हो जाती है। पुलिस मृतक के परिचितों, साथियों और मजदूर चौराहे पर उसके साथ उठने-बैठने वाले लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि हत्या की असली वजह का खुलासा हो सके।
रायपुर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस प्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
थाने के ठीक सामने, ट्रैफिक पुलिस स्टेशन और नगर निगम बिल्डिंग जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगहों के बिल्कुल करीब इतनी बड़ी वारदात का हो जाना रायपुर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद प्रशासन द्वारा यह लगातार दावे किए जाते रहे हैं कि शहर में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा रहा है और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। लेकिन इस तरह सरेराह और हाई-सिक्योरिटी जोन में हुई निर्मम हत्या ने उन तमाम दावों की पोल खोलकर रख दी है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि शहर में देर रात गश्त की व्यवस्था को और सख्त करने की जरूरत है, ताकि असामाजिक तत्वों और अपराधियों के मन में कानून का खौफ बना रहे।
निष्कर्ष और जनता से अपील
प्रकाश हरिजन हत्याकांड ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराधियों में पुलिस और कानून का डर किस कदर खत्म होता जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश तेज कर दी है और दावा किया है कि जल्द ही आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
इस दुखद और विचलित करने वाली घटना ने पूरे रायपुर शहर में शोक और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। पीड़ित परिवार केवल न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है।
आप इस पूरे मामले और रायपुर में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के बारे में क्या सोचते हैं? क्या शहर में सुरक्षा गश्त को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है? अपनी राय कमेंट सेक्शन में जरूर साझा करें।







