आज यानी 10 दिवसीय गणेशोत्सव का आखिरी दिन है। हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी मनाया जाता है। इसी दिन से गणेश उत्सव का आरंभ होता है, जिसका समापन चतुर्दशी तिथि (अनंत चतुर्दशी) के दिन होता है। इस दिन भक्तगण विधि-विधान के साथ शुभ मुहूर्त में गणेश विसर्जन करते हैं। विसर्जन के दिन गणपति जी से अपनी मनोकामना कहने और पूजा में हुई भूल-चूक के लिए क्षमा मांगें और अगले साल फिर से आने का भी निमंत्रण अवश्य दें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विसर्जन से ठीक पहले बप्पा के कान में अपनी इच्छा या मनोकामना कहने की एक विशेष परंपरा है। तो आइए जानते हैं कि विदाई से पहले गणेश जी के कान में क्या बोलना चाहिए।
बप्पा के किस कान में बोलना चाहिए?
विसर्ज से पहले गणेश जी के दाएं कान में धीरे से अपनी मनोकामना कहें। गणपति जी के कान में बोलते समय अपने मुंह को हल्के से ढंक लें ताकि आपकी बात कोई दूसरा न सुने। साथ ही गणपति जी के कान को भी थोड़ा ढक लें फिर इसके बाद धीरे से अपनी इच्छा बोलें।
गणेश जी के कान में क्या बोलना चाहिए?
- मनोकामना बोलें- गणपति विसर्जन से पहले बप्पा के कान में अपनी मनोकामना कहें। धार्मिक मान्यता है कि विसर्जन के समय मांगी गई मनोकामना शीघ्र पूरी हो जाती है।
- भूल-चूक की क्षमा- गणेश जी की पूजा-अर्चना में हुई किसी भी अनजाने भूल, त्रुटि या कमी के लिए क्षमा मांगें और आगे भी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना करें। बप्पा के कान में कहें- ‘हे विघ्नहर्ता, दस दिनों की सेवा में हमसे जो भी भूल-चूक हुई हो, उसे क्षमा करें।’
- अगले साल आने का निमंत्रण दें- गणेश जी को विदा करने से पहले उन्हें अगले वर्ष फिर से अपने घर का निमंत्रण दें। गणपति जी के दाहिने कान में बोलें- “गणपति बाप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकर या!” (हे बाप्पा, अगले वर्ष जल्दी आइएगा)।
- सुख-समृद्धि की प्रार्थना- गणेश जी को विदाई देने से पहले उनके कान में घर में सुख-शांति और मंगल बनाए रखने की प्रार्थना करें।
गणेश विसर्जन के समय कौन सा मंत्र बोलना चाहिए?
गणेश विसर्जन करते समय बप्पा का ध्यान करते हुए इस मंत्र का जाप करना चाहिए। मंत्र है- ॐ यान्तु देवगणाः सर्वे पूजामादाय मामकीम्। इष्टकामसमृद्ध्यर्थं पुनरागमनाय च॥
गणेश विसर्जन के लिए शुभ चौघड़िया मुहूर्त
- चतुर्दशी तिथि प्रारंभ- सितंबर 24, 2026 को 11:18 पी एम बजे
- चतुर्दशी तिथि समाप्त – सितंबर 25, 2026 को 11:06 पी एम बजे
- प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) – 06:28 ए एम से 10:59 ए एम
- अपराह्न मुहूर्त (चर) – 05:02 पी एम से 06:32 पी एम
- अपराह्न मुहूर्त (शुभ) – 12:30 पी एम से 02:01 पी एम
- रात्रि मुहूर्त (लाभ) – 09:31 पी एम से 11:01 पी एम
- रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) – 12:30 ए एम से 04:59 ए एम, सितंबर 26







