-कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत के मार्गदर्शन में पंचायत की योजनाओं, पारदर्शिता और स्थानीय समस्याओं पर ग्रामीणों के साथ हुई विस्तृत चर्चा।
रेशमा लहरे/मुंगेली ।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर 02 अक्टूबर को मुंगेली जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ श्री गोकुल रावटे के मार्गदर्शन में आयोजित इन ग्राम सभाओं में ग्रामीणों की बड़े पैमाने पर सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। बैठक में गांवों के समग्र विकास, पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन और जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने का संकल्प लिया गया।
पारदर्शिता और वित्तीय जवाबदेही पर जोर
ग्राम सभा में पंचायत की वित्तीय स्थिति, पिछले वर्ष स्वीकृत कार्यों की राशि, आय-व्यय का ब्यौरा तथा जारी विकास परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति का ब्यौरा ग्रामीणों के सामने रखा गया। पूर्व बैठकों में पारित संकल्पों के क्रियान्वयन की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई।

इसके अलावा, ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने और कर अधिरोपण को ऑनलाइन करने के लिए पंचायत पोर्टल के उपयोग, संपत्ति कर दरों के निर्धारण, तथा तालाबों, बाजारों व दुकानों की नीलामी/पट्टे से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
ग्राम सभा में चर्चा के मुख्य बिंदु
सड़क हादसों की रोकथाम: सड़कों पर आवारा एवं पालतू मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठोस उपाय करने और ग्रामीणों को अपने पशु खुले में न छोड़ने के लिए जागरूक किया गया।
पीएम आवास योजना और आवास प्लस 2.0: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), पीएम-जनमन और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लंबित मामलों तथा ‘आवास प्लस 2.0’ सर्वेक्षण की स्थायी प्रतीक्षा सूची के अनुमोदन की प्रक्रिया साझा की गई।
सामाजिक एवं स्वास्थ्य अभियान:
बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान: बाल विवाह के सामाजिक व कानूनी दुष्परिणामों से अवगत कराया गया।
टीबी मुक्त भारत अभियान: टीबी के लक्षण, समय पर जांच और निःशुल्क उपचार के बारे में जानकारी दी गई।
जल संरक्षण एवं ‘मोर गांव मोर पानी’: जल संवर्धन के लिए ‘मोर गांव मोर पानी’, ‘नवा तरिया’, ‘धार-आधार अभियान’ और ‘आजीविका डबरी’ जैसी पहलों की जानकारी ग्रामीणों को दी गई।
डिजिटल पारदर्शिता (QR कोड): स्वीकृत विकास कार्यों का क्यूआर (QR) कोड के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने पर सहमति बनी, ताकि ग्रामीण आसानी से कार्यों का विवरण देख सकें।
नागरिक सेवाएं: जन्म-मृत्यु, विवाह पंजीयन तथा मुक्तिधाम की साफ-सफाई व सुविधाओं की समीक्षा की गई।
जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों की उपस्थिति
आयोजित ग्राम सभाओं में स्थानीय सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, पंच, मेट, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे। ग्राम सभा के माध्यम से ग्रामीणों को अपने गांव की प्राथमिकताओं और योजनाओं में सीधे योगदान देने का मंच मिला।







