दुबई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई (flydubai) की फ्लाइट को हाईजैक करने और क्रैश करने से बचाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मछार को इजराइल वीरता पुरस्कार देगा। इजराइली राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग (Isaac Herzog) ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार को नागरिक वीरता पुरस्कार देने की घोषणा की। मछार का फिलहाल अब अबू धाबी में इलाज चल रहा है। वो तेजी के रिकवर हो रहे हैं।
इजरायली राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग ने गुरुवार को इस घटना से जुड़े नायकों को सम्मानित किया। उन्होंने येरुशलम में छह इजरायली नागरिकों- ताली मानेस, ज्विका मानेस, यानिव हायुन, डॉ. शोता मुसायेव, आसाफ राजुआन और ओर पारदिलोव को राष्ट्रपति नागरिक वीरता पदक प्रदान किया। इन सभी ने हमलावर को रोकने में अहम भूमिका निभाई थी।
इस अवसर पर इजरायली राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग ने भारतीय कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की तारीफ करते हुए वीरता पुरस्कार देने का ऐलान किया। न्होंने कहा कि मछार की साहस, बहादुरी और पेशेवर रवैये ने इस बड़ी आपदा को टाल दिया. मछार के स्वस्थ होने के बाद उन्हें यह सम्मान दिया जाएगा। हर्जोग ने मछार के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।
बता दें कि 30 सितंबर को फ्लाईदुबई फ्लाइट में हुई घटना को लेकर US हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने भारतीय फ्लाईदुबई पायलट स्मित मछार के सम्मान में एक प्रस्ताव पास किया है। जोश गॉटहाइमर, डॉन बेकन और माइकल मैककॉल ने कैप्टन स्मित मच्छर और फ्लाईदुबई फ्लाइट 1073 के क्रू और यात्रियों का सम्मान करने और उस फ्लाइट पर हुए आतंकवादी हमले की कोशिश की निंदा करने के लिए यह प्रस्ताव पेश किया था। अमेरिकी कांग्रेस में किसी व्यक्ति के नाम के साथ इस तरह सम्मान होना रेयर माना जाता है और इसे बड़ी बात कहा जाता है। स्मित मछार के साथ फ्लाइट के क्रू और यात्रियों की भूमिका को भी सम्मान दिया गया है, जिन्होंने मिलकर हमले को नाकाम करने में मदद की थी।
यह पूरा मामला 30 सितंबर 2026 की है। फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से इजराइल की राजधानी तेल अवीव जी रही था। इसमें 170 से ज्यादा लोग सवार थे, जिसमें से 120 इजराइली यात्री सवार थे। फ्लाइट को भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार उड़ा रहे थे। उड़ान के दौरान 32 हजार फीट पर उनके को-पालयट (ओमान का रहने वाला) ने विमान को क्रैश और हाईजैक करने की कोशिश की। को-पालयट ने स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर बुरी तरह घायल कर दिया। मरणासन हालत में होने के बावजूद मच्छार ने स्थिति को काबू में रखा। वह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद यात्री और क्रू मेंबर कॉकपिट तक पहुंच सके। उन्होंने आरोपी को काबू करने में मदद की। प्लेन में मौजूद दूसरे पायलटों ने भी कंट्रोल संभालने में मदद की।