संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
जांजगीर-चांपा- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (CGSLSA), बिलासपुर के निर्देशानुसार तथा माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जांजगीर-चांपा के मार्गदर्शन में जिले में “सुरक्षित बचपन अभियान” का प्रथम चरण चलाया जा रहा है।अभियान के तहत इस माह जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जांजगीर क्र. 02 एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अमोदा आदि में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की थीम *”जागरूकता, सुरक्षा और संरक्षण – हर बच्चे का अधिकार”रहा।

शिविर में मुख्य वक्ता के रूप में सुरेश कुमार जायसवाल, सदस्य किशोर न्याय बोर्ड, जांजगीर-चांपा* उपस्थित रहे। श्री जायसवाल द्वारा छात्र-छात्राओं को अत्यंत सरल एवं रोचक तरीके से बालकों के अधिकार एवं कर्तव्य, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015,लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act), 2012 – गुड टच, बैड टच बाल संरक्षण तंत्र, जिला बाल संरक्षण इकाई की भूमिका संकट के समय क्या करें – NO, GO, TELL का सिद्धांत यदि कोई भी व्यक्ति आपको असहज महसूस कराए, तो चुप न रहें। तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय व्यक्ति बतलाना के सम्बन्ध में जानकारी साझा किया ।

शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालीगल वालेंटियर मंजू देवांगन एवं प्रतिधारक अधिवक्ता रामेश्वर राठौर द्वारा NALSA की योजनाओं, बच्चों एवं महिलाओं के लिए निःशुल्क विधिक सहायता, नालसा हेल्पलाइन नं. 15100, चाइल्ड हेल्पलाइन नं. 1098 की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।है कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं ने बाल विवाह मुक्त राज्य बनाने की शपथ ली। इस अवसर पर संबंधित विद्यालयों के प्राचार्य, समस्त शिक्षकगण, पैरालीगल वालेंटियर एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।







