महाप्रभु जगन्नाथ का हाथ रहे,
जीवन में सदा ही उल्लास रहे।
प्रभु श्री के चरणों में वंदन रहे,
मन में हर पल निर्मल स्पंदन रहे।
नयनों में उनकी छवि बसती रहे,
अधरों पर हरि-नाम सजता रहे।
उनकी कृपा की बरसे ऐसी धार,
हर संकट होता रहे पल में पार।
भक्ति की ज्योति हृदय में जलती रहे,
सद्बुद्धि की सरिता बहती रहे।
तन को सेवा, मन को विश्वास मिले,
जीवन को हर पल मधुमास मिले।
जगन्नाथ की ऐसी कृपा बनी रहे,
हर साँस में प्रभु का ही वास रहे।
✍️: राजकुमार सोनी, नया रायपुर







